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वेदान्ता के अधिकारी का झूठ का पोल खोलते पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक

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  • वेदान्ता के अधिकारी का झूठ का पोल खोलते पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक

 

वेदान्ता इलेक्ट्रोस्टील द्वारा स्टील बनाने में उपयोग किया पानी को इजरी नदी में बहाने के आरोप को सिरे से खारिज करने पर पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक ने दर्जनों ग्रामीणों के साथ इलेक्ट्रोस्टील प्लांट के बगल से बहने वाली इजरी नदी का दौरा किया । दौरे में पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक ने मोदी डीह के समीप इजरी नदी में बेदान्ता प्लांट के दर्जनों जगहों से प्रदुषित पानी समाहित होते पाया। प्लांट के प्रदूषित पानी के निकासी का फोटोग्राफी किया।

इस सम्बंध में पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक ने कहा कि फोटोग्राफी को जिले के उपायुक्त, कारखाना निरक्षक ओर प्रदूषण बोर्ड को सोपा जाएगा। ताकि करवाई से बचने ओर अपराध को छिपाने के लिए कम्पनी निकासी को बंद कर सकती है।

उन्होंने कहा कि कम्पनी के अधिकारियों का दुःसाहस देखिये, जिले के संरक्षक उपायुक्त को आंख में धूल झोंकने का हिम्मत रखते है। प्रदूषित पानी के बहाव के आरोप के बाद , वेदान्ता के अधिकारी द्वारा इजरी नदी में प्लांट का प्रदूषित जल रोकने का आश्वासन की जगह प्रिंट मीडिया मे प्रेस रिलीज भेज सीना तान कर कहा है इजरी नदी में वेदान्ता प्रदूषित जल नही बहाता है। इस सफेद झूठ का पोल खोलना जरूरी था। बीसों जगहों को खोज हमने कम्पनी का झूठ का पोल खोला है। सरकार अब करवाई करे।

उन्होंने कहा कि अब वेदान्ता बरसात का पानी प्लांट से निकलने का बहाना बना सकता है । लेकिन प्लांट के रासायनिक जल से जल निकासी/ स्रोतों में जो जलने के चिन्ह पड़े हुए हैं। वह कैसे झुठलायेगा। फ़ोटो/ वीडियो में कैद हो चुका है।

पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक में कहा कि वेदान्ता को जनहित के चादर ओढ़कर लोगों को कुपोषित करने की आज़ादी नही दी जा सकती है। कम्पनी द्वारा जनहित में काम करना कम्पनी के लिए बाध्यकारी है। पेरिफेरियाल डेवलपमेंट का फंड संचित करना और खर्च करना फैक्ट्री एक्ट का अंश है। कम्पनी इसे दान मत समझे।

उन्होंने कहा कि झूठ का प्रेस रिलीज जारी करने वाले अधिकारी पर वेदान्ता प्रबंधन करवाई करे। अन्यथा झूठ फैलाने वाले अधिकारी पर ग्रामीण मुकदमा दर्ज करेंगें। बताते चलें, इलेक्ट्रोस्टील द्वारा स्टील बनाने में उपयोग किया प्रदूषित पानी को इजरी नदी में बहाने के खिलाफ पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक ने उपायुक्त से रोकने का आदेश देने की अपील किया था। इस आरोप का वेदान्ता के अधिकारी ने खंडन करते हुए कहा था कि बेदान्ता एक जिम्मेवार कम्पनी है। कम्पनी प्रदूषित पानी इजरी नदी में नही बहाती है। स्टील मेकिंग के उपयोग हुआ पानी को कम्पनी जमा करती है। फिर ट्रीटमेंट कर पुनः उपयोग करती है।

 

रिपोर्टर जावेद अख्तर

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